संगीत केवल ध्वनि नहीं, बल्कि आत्मा की भाषा है। जब यह संगीत भक्ति के भावों से जुड़ जाता है, तो साधक के हृदय में ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव होने लगता है। इसी भावनात्मक और आध्यात्मिक गहराई में उतरने का माध्यम बने जगद्गुरु कृपालु महाराज के भक्तिगीत , जो केवल संगीत की दृष्टि से नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि के दृष्टिकोण से भी अद्भुत हैं। कृपालु महाराज का जीवन परिचय इस तथ्य का प्रमाण है कि उनके भीतर संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम था। बचपन से ही वे वेद, उपनिषद, और शास्त्रों का अध्ययन क