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Kripalu Ji: The Voice of Divine Love in the Modern World
Kripalu Ji Maharaj also known as Jagadguru Shri Kripalu Maharaj was a spiritual master or guru who spent his life to propagate about God through his love, devotion, and service. Millions of devotees revere him, as he is the fifth original Jagadguru, the very special honor awarded to few of the most enlightened spiritual gurus in Indian history. His teachings which are heart warming and well articulated to the world are still changing lives. A Life of Spiritual Greatness
Kripalu Ji Maharj Bhakti
1 day ago3 min read


कृपालुजी महाराज का संदेश: रोज़मर्रा की चिंता और असंतोष कैसे दूर करें
आज के समय में अधिकतर लोग चिंता, तनाव और असंतोष से घिरे हुए दिखाई देते हैं। तेज़ रफ्तार जीवन, काम का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता मन को लगातार बेचैन बनाए रखते हैं। ऐसे में आध्यात्मिक मार्गदर्शन व्यक्ति को मानसिक शांति पाने में मदद कर सकता है। इसी संदर्भ में महान संत जगद्गुरु कृपालु महाराज की शिक्षाएँ विशेष रूप से प्रेरणादायक मानी जाती हैं। उन्होंने अपने जीवन और प्रवचनों के माध्यम से लोगों को सिखाया कि चिंता और असंतोष को दूर करने का वास्तविक समाधान भीतर की शांति और ईश्वर भक्ति
Kripalu Ji Maharj Bhakti
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श्री महाराज जी के अनुसार कार्यस्थल पर संतुलित और शांत मन कैसे बनाए रखें?
जगद्गुरु कृपालु महाराज को भक्त प्रेम से श्री महाराज जी कहते हैं। उन्होंने संकीर्तन को मन की गहन शुद्धि का सबसे सरल और शक्तिशाली साधन बताया। राधा-कृष्ण के पवित्र नामों का जप मन के छह विकारों काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मत्सर को मूल से नष्ट कर देता है। यह केवल ध्वनि नहीं, दिव्य प्रेम रस की वर्षा है जो हृदय को शुद्ध कर देती है। मन की अशुद्धियों का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विश्लेषण आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार करता है कि मंत्र जप मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स को सक्र
Kripalu Ji Maharj Bhakti
Feb 203 min read


कृपालुजी महाराज की शिक्षा से आत्मा को कैसे शांति मिले
जीवन की भागदौड़, अपूर्ण इच्छाएँ और निरंतर प्रतिस्पर्धा के बीच मनुष्य की सबसे बड़ी खोज है आत्मिक शांति। यह वही अमृत है जिसे पाने के लिए व्यक्ति धन, सुख-सुविधाएँ और सफलता सब कुछ आज़मा लेता है, लेकिन अंततः समझता है कि सच्ची शांति बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि भीतर से उत्पन्न होती है। इस गहराई को स्पष्ट रूप में समझाया जगद्गुरु कृपालु महाराज ने, जिनकी शिक्षाएँ आज भी आत्मिक जागरण के लिए प्रेरणा देती हैं। कृपालु महाराज का जीवन परिचय भक्ति, प्रेम और सेवा से ओतप्रोत है। 1922 में उत्तर
Kripalu Ji Maharj Bhakti
Feb 163 min read
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